भारतीय संविधान की प्रस्तावना

Preamble of Indian constitution

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दोस्तों आप यह तो जानते ही है कि विभिन्न एक दिवसीय प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भारतीय राजव्यवस्था Indian polity एक महत्वपूर्ण विषय हैं।  जिससे काफी संख्या में प्रश्न विगत वर्षों में पूछे जाते रहे हैं। इसीलिए आज की हमारी यह पोस्ट इसी विषय से सम्बंधित एक महत्वपूर्ण topic Preamble of Indian constitution से लिया गया है जो कि आपको आने वाले सभी प्रकार के Competitive Exams में  बहुत काम आयेंगी ! अतः आप सभी से Request है कि आप इस पोस्ट को अपने Browser के BOOKMARK में Save कर लीजिये, और Check करते रहियेगा ! क्योकिं इस पोस्ट को समय – समय  update किया जाता रहेगा तथा नए अध्यायों को जोड़ा जायेगा।🙂 🙂

Preamble of Indian constitution संविधान की प्रस्तावना

हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को;

सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय ,

विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता 

प्रतिष्ठा और अवसर की समता 

प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए

दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ई. को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।


 Preamble of Indian constitution

WE, THE PEOPLE OF INDIA, having solemnly resolved to constitute India into a SOVEREGN SOCIALIST SECULAR DEMOCRATIC REPUBLIC and to secure to all its citizens,

JUSTICE, social, economic and political,

LIBERTY of thought, expression, belief, faith and worship;

EQUALITY of status and of opportunity; and to promote among them all;

FRATERNITY assuring the dignity of the individual and the unity and integrity of the Nation IN OUR CONSTITUENT ASSEMBLY this twenty-sixth day of november, 1949, do HERE BY ADOPT, ENACT AND GIVE TO OURSELVES THIS CONSTITUTION.

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