Important oil and mineral resources in India in hindi. महत्वपूर्ण खनिज संसाधन
भारत में सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं अन्वेषण का कार्य निम्न विभाग करते हैं –
- जिओलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (मुख्यालय –कोलकाता)
- भारतीय खान ब्यूरो (मुख्यालय –नागपुर)
- तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (मुख्यालय –देहरादून )
- खनिज अन्वेषण निगम लि. (मुख्यालय –नागपुर)
- राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (मुख्यालय –हैदराबाद )
- राष्ट्रीय एल्युमिनियम कं लि.
इसी के साथ विभिन्न राज्यों के खदान एवं भूविज्ञान विभाग करते हैं।
- भारत के शीर्ष पाँच खनिज उत्पादक राज्य क्रमश: हैं – ओडिसा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं झारखण्ड
- अंकलेश्वर में 1960 में खोदे गए पहले कुंए का नाम वसुधारा रक्खा गया था।
- भारत में अपरिष्कृत पेट्रोलियम टरश्यरी युग की अवसादी शैलों में पाया जाता हैं।
- भारत में शैल गैस के संसाधन कैम्बे बेसिन, कृष्णा गोदावरी बेसिन, कावेरी बेसिन एवं विध्यं बेसिन में पाए गए हैं।
महत्वपूर्ण खनिज संसाधन
तांबा:
- मुख्य तथ्य: तांबा उत्पादन में प्रथम तीन राज्य क्रमशः – मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखण्ड
- प्राप्ति स्थान: मध्य प्रदेश (बाला घाट), राजस्थान (खेतड़ी, झुंझुनू, भीलवाड़ा, अलवर, सिरोही), झारखंड (सिंहभूमि, हजारी बाग़), कर्नाटक (चीतल दुर्ग, हासन, रायचूर), महाराष्ट्र (कोल्हापुर), आंध्र प्रदेश (अग्नि गुन्डल)
लौह अयस्क:
- मुख्य तथ्य: विश्व में लौह अयस्क उत्पादन में चीन, आस्ट्रेलिया और ब्राजील के बाद चौथा स्थान भारत का हैं। भारत में लौह अयस्क उत्पादन में पहला, दूसरा व तीसरा स्थान क्रमशः कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा हैं।
- प्राप्ति स्थान: कर्नाटक (बेलारी, चिकमंगलूर, चीतल दुर्ग), छत्तीसगढ़ (बस्तर, दुर्ग, रायपुर, रायगढ़, बिलासपुर), उड़ीसा (सोनाइ, क्योंझर, मयूरभंज), झारखंड (सिंहभूमि, हजारीबाग, पलामू एवं धनबाद), मध्य प्रदेश (जबलपुर), महाराष्ट्र (रत्नागिरी और चांदा), तमिलनाडु (सलेम, तिरुचिरापल्ली), गोवा
कोयला:
- मुख्य तथ्य: कोयला उत्पादन में भारत का विश्व में तीसरा स्थान हैं। कोयले को “उद्योग की रोटी” तथा “काला सोना” भी कहा हैं। भारत में कोयला उत्पादन में क्रमशः तीन राज्य हैं – झारखंड, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा। सबसे उत्तम श्रेणी का कोयला एन्थ्रासाइट होता हैं।
- प्राप्ति स्थान: झारखंड (सिंह भूमि, धनबाद, गिरिडाह), छत्तीसगढ़ (रायगढ़), ओडिसा (देशगढ़ तथा तलचर), पश्चिमी बंगाल (रानीगंज और झरिया), असम (माकूम और लखीमपुर), महाराष्ट्र (चांदा), तेलंगाना (सिंगरेनी), अरुणाचल प्रदेश (नामचिक, नामफुक),
सोना :
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चाँदी
- मुख्य तथ्य: चाँदी उत्पादन में राजस्थान प्रथम स्थान पर हैं।
- प्राप्ति स्थल: राजस्थान (जवार खान), कर्नाटक (बेलारी तथा चित्रदुर्ग), आंध्र प्रदेश (कुडप्पा, गुंटूर), झारखंड (सिंह भूमि, संथाल परगना)
हीरा :
- प्राप्ति स्थल : मध्य प्रदेश (मझगांवा खान, पन्ना जिला)
मैगनीज:
- मुख्य तथ्य: मैगनीज के प्रमाणित भंडारों की दृष्टि से विश्व में जिम्बावे के बाद दूसरा स्थान हैं। लेकिन उत्पादन की दृष्टि से विश्व में पाँचवा स्थान हैं। मैगनीज उत्पादन में ओडिशा के प्रथम स्थान हैं। यह भारत के कुल उत्पादन का 34% मैगनीज उत्पन्न करता हैं। दूसरे व तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश हैं।
- प्राप्ति स्थल: ओडिशा (सुंदरगढ़, सम्बलपुर, बोलंगीर, क्योंझर, कालाहांडी, कोरापुट), महाराष्ट्र (नागपुर और भंडारा), मध्य प्रदेश (बालाघाट, छिदंवाड़ा), कर्नाटक (शिमोगा, बेलारी, चित्रदुर्ग, बीजापुर), आंध्र प्रदेश (श्रीकाकुलम), गुजरात( पंचमहल, बड़ौदा), झारखंड (सिंहभूमि), राजस्थान (बांसवाड़ा)
बॉक्साइट:
- मुख्य तथ्य: बॉक्साइट उत्पादन में भारत एक आत्म निर्भर देश है। ओडिशा कुल उत्पादन का 42% बॉक्साइट उत्पादित कर प्रथम स्थान पर हैं। दूसरे व तीसरे स्थान पर क्रमश: गुजरात एवं झारखंड प्रदेश हैं।
- प्राप्ति स्थल: ओडिशा, झारखण्ड (कोडरमा, हजारीबाग), बिहार (गया, मुंगेर), महाराष्ट्र (नागपुर, भंडारा, रत्नागिरी), राजस्थान (अजमेर, शाहपुर), आंध्र प्रदेश (नेल्लोर)
अभ्र्क:
- मुख्य तथ्य: आंध्र प्रदेश कुल उत्पादन का 72% बॉक्साइट उत्पादित कर प्रथम स्थान पर हैं। दूसरे स्थान पर राजस्थान है।
- प्राप्ति स्थल: आंध्र प्रदेश (नेल्लोर जिला), झारखंड (पलामू), गुजरात (खेड़ा), मध्य प्रदेश (कटनी, बालाघाट, जबलपुर), छत्तीसगढ़ (बिलासपुर), राजस्थान
जस्ता:
- मुख्य तथ्य: जस्ता उत्पादन में राजस्थान का प्रथम स्थान हैं। यहां की जवार खान जस्ता उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
- प्राप्ति स्थल: राजस्थान (उदयपुर), ओडिशा, जम्मू -कश्मीर (दूसरा स्थान)
यूरेनियम:
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थोरियम पाइराइट्स :
- मुख्य तथ्य: भारत विश्व का सबसे बड़ा थोरियम निर्माता देश हैं।
- प्राप्ति स्थल: रजस्थान (पाली, भीलवाड़ा)
लिगनाइट:
- मुख्य स्थान: इसका सर्वाधिक भंडार तमिलनाडु में हैं।
- प्राप्ति स्थल: तमिलनाडु, राजस्थान
टंगस्टन:
- मुख्य स्थान: इसका प्रमुख भंडार डेगाना (राजस्थान) में हैं।
- प्राप्ति स्थल: राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक
सीसा:
- प्राप्ति स्थल: झारखंड, राजस्थान
टिन:
- मुख्य तथ्य: इसका मुख्य भंडार छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में हैं।
- प्राप्ति स्थल: छत्तीसगढ़
क्रोमालाइट:
- मुख्य तथ्य : इसके उत्पादन में ओडिशा का प्रथम स्थान हैं।
- प्राप्ति स्थल: झारखंड, ओडिशा
पेट्रोलियम:
मुख्य तथ्य: मुंबई से 176 किमी उत्तर -पश्चिम में खम्बात की खाड़ी में सबसे पहले तेल की खोज की गई। इसे मुंबई हाई के नाम से भी जाना जाता हैं। ONGC द्वारा इसमें तेल उत्पादन 1976 में शुरू किया गया जबकि तेल की खोज 1973 में हुई थी। तेल निकालने का प्लेटफार्म जापान से ख़रीदा गया। जिसे “सागर सम्राट” का नाम दिया गया। इस समय कुल 21 तेल शोधन कारखाने हैं। जिसमे से 17 सावर्जनिक क्षेत्र में, 3 निजी क्षेत्र में व 1 संयुक्त क्षेत्र में हैं।
प्राप्ति स्थल: असम (डिग्बोई, सुरमा घाटी), गुजरात (खम्बात, अंकलेश्वर), महराष्ट्र (बॉम्बे हाई), अंकलेश्वर में 1960 में खोदे गए पहले कुँए का नाम वसुधारा रखा गया।