बहमनी साम्राज्य Bahmani Dynasty history

  • बहमनी राज्य की स्थापना हसन गंगू ने 1347 ई. में मुहम्मद तुगलक के शासन काल में की थी और वह अल्लाउद्दीन हसन बहमन शाह के नाम से सिंहासन पर बैठा। इसने हिन्दुओं से जजिया कर न लेने का आदेश दिया।
  • हसन गंगू ने गुलबर्गा को अपनी राजधानी और मराठी को अपनी राजभाषा बनाया।
  • हसन गंगू ने अपने राज्य को चार प्रान्तों में बांटा-गुलबर्गा, बीदर, बरार,और दौलताबाद
  • इसके बाद इसका पुत्र मुहम्मद शाह प्रथम गद्दी पर बैठा और इसने वारंगल और विजयनगर के हिन्दू राजाओं से युद्द किया इसने ही सबसे पहले(बुक्का) बारूद का इस्तेमाल किया।
  • ताजुद्दीन फिरोज शाह ने भीमा नदी के किनारे पर फिरोजाबाद शहर की स्थापना की। ताजुद्दीन फिरोज शाह ने खगोल विज्ञानं को बहुत प्रोत्साहन दिया और दौलताबाद के पास एक वेधशाला का निर्माण कराया।
  •  फ़रिश्ता के अनुसार ताजुद्दीन फिरोज शाह फारसी, अरबी, तुर्की, तेलगु, कन्नड़ और मराठी भाषा का अच्छा ज्ञान रखता था।
  • शिहाबुद्दीन अहमद प्रथम ने अपनी राजधानी गुलबर्गा से हटाकर बीदर स्थानंतरित की और बीदर का नया नाम मुहम्मदाबाद रक्खा।
  • महमूद गवां जोकि एक ईरानी था, को अल्लाउद्दीन अहमद शाह ने राजकीय सेंवा में लिया। उसके पुत्र मुहम्मद -3 ने उसे प्रधान मंत्री बना दिया था।
  • मुहम्मद शाह -3 ने महमूद गँवा को ख्वाजा जहाँ की उपाधि प्रदान कर देश का प्रधान मंत्री बना दिया था और 70 वर्ष की आयु में 1482 ई. में उसे फांसी दे दी थी।
  • महमूद गवां ने बीदर में एक तीन मंजिला मदरसे के स्थापना की जिसमें 1000 अध्यापक और विद्यार्थी रहते थे।इसके लिए भोजन और कपड़ा भी राज्य की ओर मुफ्त दिया जाता था। रियाजुल इंशा नाम से महमूद गवां के पत्रों का संग्रह किया गया।
  • 1470 ई. में मुहम्मद -3 के शासनकाल में रुसी यात्री निकितन ने बहमनी राज्य की यात्रा की।
  • बहमनी राज्य का अंतिम शासक कलीमउल्लाह था। इसके बाद बहमनी राज्य पांच स्वतंत्र राज्यों में विभक्त हो गया-बीजापुर, अहमद नगर, बीदर, बरार, गोलकुंडा

बहमनी राज्य का शासन 

  • बहमनी राज्य चार अतरफो (तरफो ) में बंटा हुआ था-दौलताबाद, बरार, बीदर और गुलबर्गा 
  • बीजापुर गुलबर्गा में शामिल था।
  • प्रत्येक अतरफ का मुखिया तरफदार होता था।
  • महमूद गवां के समय में प्रान्तों की संख्या चार से बढ़कर आठ हो गई थी।
  • सुल्तान के महल और दरबार की रक्षा के लिए विशेष सैनिक दल होते थे। जिन्हें खास-खेल कहते थे। ये चार भागों या नौबत में बंटे होते थे। जिनका मुखिया सर- ए -नौबत कहलाता था।
  • बहमनी राज्य ने कुल 175 वर्ष तक शासन किया था। जिसमे कुल 18 शासक हुए।
  • मुहम्मद प्रथम के मंत्री सैफुद्दीन गौरी के अनुसार केन्द्रीय शासन का कार्य आठ महत्वपूर्ण विभागों में विभक्त था।
  • वकील-ए-सल्तनत: प्रधान मंत्री
  • अमीर-ए-जुमला: वित्त मंत्री
  • वजीर-ए-अशरफ: विदेश मंत्री
  • वजीर-ए-कुल :सभी मंत्रियो के कार्यो का निरिक्षण केवल वकील ए सल्तनत को छोड़कर
  • पेशवा : वकील-ए-सल्तनत का सहायक
  • कोतवाल : नगर का मुख्य पुलिस अधिकारी
  • सदर -ए-जहाँ : न्याय,धर्म और दान विभाग का प्रमुख
  • नाजिर : अर्थ विभाग का मुख्य अधिकारी

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