कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन 

भारत को स्वतंत्रता दिलाने में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का महत्वपूर्ण योगदान हैं। कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन निम्न प्रकार हैं –

कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन 

बनारस अधिवेशन (1905 ) 
  • अध्यक्ष –गोपाल कृष्ण गोखले 
  • कर्जन की बंगाल विभाजन नीति का विरोध।
  • लाला लाजपत राय ने पहली बार सत्याग्रह अपनाने का विधार रखा।
कलकत्ता अधिवेशन (1906)
  • अध्यक्ष –दादा भाई नौरोजी 
  • नरमपंथी और गरमपंथी में मतभेद।
  • नरमपंथी रास बिहारी घोष को तथा गरमपंथी लाला लाजपत राय को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाना चाहते थे अंत में दादा भाई नौरोजी को अध्यक्ष बनाया गया।
  • स्वराज्य शब्द का प्रयोग पहली बार कांग्रेस के मंच से किया गया।
सूरत अधिवेशन (1907)
  • अध्यक्ष – रासबिहारी घोष
  • कांग्रेस का विभाजन 
लखनऊ अधिवेशन (1916)
  • अध्यक्ष -अम्बिका चरण मजूमदार
  • एनीबेसेन्ट व तिलक के प्रयासों से कांग्रेस का एकीकरण। 
  • कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता।
लाहौर अधिवेशन (1929)
  • अध्यक्ष -जवाहर लाल नेहरू
  • पूर्ण स्वाधीनता का प्रस्ताव पारित किया गया।
  • लाहौर में रावी नदी के तट पर 31 दिसम्बर, 1929 को रात्रि में झंडा फहराया गया।
करांची अधिवेशन (1931)
  • अध्यक्ष -बल्लभ भाई पटेल
  • गाँधी -इरविन -समझौता 
  • गाँधी जी ने कहा गाँधी मर सकता हैं परन्तु गांधीवाद नहीं
त्रिपुरी अधिवेशन (1939)
  • अध्यक्ष -पहले सुभाष चंद्र बोस बाद में राजेंद्र प्रसाद 
  • महात्मा गाँधी और सुभाष चंद्र बोस के बीच विवाद
  • सुभास चंद्र बोस द्वारा इस्तीफा देकर 1939  में फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना।

अन्य स्मरणीय तथ्य 

  • पहली बार वन्दे मातरम गाया गया – 1896 की कलकत्ता अधिवेशन (रहमतुल्ला सयानी)
  • कांग्रेस के मंच पर जन -गण -मन  पहली बार गाया गया। – कलकत्ता अधिवेशन (1911, बिशन नरायणधार
  • एनीबेसेन्ट कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनी – कलकत्ता अधिवेशन (1917)
  • असहयोग आंदोलन पारित हुआ – नागपुर (1920)
  • सबसे कम उम्र के कांग्रेस के अध्यक्ष बने – दिल्ली, 1923, अबुल कलाम आजाद 
  • प्रत्येक कांग्रेसी  के लिए खादी पहनना आवश्यक हुआ –गुवाहटी अधिवेशन (1926 )
  • वह अधिवेशन जिसका आरम्भ वन्देमातरम और राष्ट्रगान से हुआ –जयपुर ,1948 (पट्टाभि सितारमैय्या ) 
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