राष्ट्रवादी आंदोलन का द्वितीय चरण

राष्ट्रवादी आंदोलन का द्वितीय चरण (1905 -1919 ई.)

बंगाल विभाजन 1905 ई.

  • बंगाल विभाजन का प्रस्ताव 3 दिसंबर 1903 में ब्रिटिश संसंद में रक्खा गया। 20 जुलाई 1905 को बंगाल विभाजन के निर्णय की घोषणा हुई तथा 16 अक्तूबर 1905 को बंगाल विभाजन की योजना लागू हो गई।
  • बंगाल विभाजन का कारण लार्ड कर्जन द्वारा प्रशासनिक असुविधा बताया गया।
  • बंगाल विभाजन के एक भाग में पूर्वी बंगाल और असम को शामिल किया गया जिसकी राजधानी ढाका बनी और लेफ्टिनेंट ब्लूमफिल्ड फूलर को यहाँ का पहला गवर्नर बनाया गया।
  • इस विभाजन के दूसरे भाग में पश्चिमी बंगाल, बिहार और उड़ीसा को शामिल किया गया। जिसकी राजधानी कलकत्ता बनी और यहाँ के प्रथम गवर्नर एंड्रयू फ्रेजर बने।
  •  16 अक्तूबर 1905 को पूरे बंगाल में शोक दिवस के रूप में मनाया गया।
  • रवीन्द्रनाथ टैगोर ने आह्वान पर इस दिन को राखी दिवस के रूप में मनाया गया।
  • रविन्द्र नाथ टैगोर ने इसी समय “आमार सोनार बंगला” नामक गीत लिखा जो इस समय बांग्ला देश का राष्ट्रगान हैं।
  • कांग्रेस के 1905 के बनारस अधिवेशन में स्वदेशी और बहिष्कार आन्दोलन का अनुमोदन किया गया।

कांग्रेस का विभाजन (1907)

  • कांग्रेस के 1907 के सूरत अधिवेशन में वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो गए उदारवादी पक्ष रासबिहारी बोस को तथा गरमपंथी लाला लाजपत राय को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाना चाहते थे। अंततः रासबिहारी बोस कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
  • 1907  के इस अधिवेशन में 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में पास कराए गए प्रस्तावों स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा और स्वशासन को लेकर मतभेद हो गए जिसके कारण कांग्रेस का विभाजन हो गया।

मुस्लिम लीग की स्थापना(1906)

  • 3 अक्टूबर,1906 को आगा खां के नेतृत्व में मुसलमानों का एक प्रतिनिधि मंडल वायसराय लार्ड मिन्टो से शिमला में मिला।
  • 30 दिसंबर 1906 को ढाका में नवाब सलीमुल्लाह खां के नेतृत्व में आयोजित की गई जहाँ अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के स्थापना की गई।
  • इस अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के प्रथम अध्यक्ष आगा खां थे।
  • मुस्लिम लीग का मुख्यालय लखनऊ में था।
  • 1907  में मुस्लिम लीग का वार्षिक अधिवेशन करांची में हुआ था।
  • 1908 में मुस्लिम लीग की एक शाखा लन्दन में खोली गई जिसे सैय्यद अमीर अली ने स्थापित किया था।
  •  1908 में अमृतसर में मुस्लिम लीग की बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता सर सैय्यद इमाम ने की थी। इसमें  मुसलमानों के लिए अलग से निर्वाचक मंडल की मांग की गई।  जिसको 1909 की मार्ले मिन्टो सुधार में मान लिया गया।

लखनऊ समझौता(1916)

  • कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन( अध्यक्षता अंबिका चरण मजुमदार) में दो महत्वपूर्ण घटनाएँ हुई।
  • गरमपंथियों का पुनः कांग्रेस में प्रवेश हो गया।गरमपंथियों और नरमपंथियों का समझौता कराने में सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट ने निभाई।
  • कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच ऐतिहासिक लखनऊ समझौता हुआ।इस समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका बाल गंगाधर तिलक और मोहम्मद अली जिन्ना ने निभाई।
  • मुस्लिम लीग के l916 के लखनऊ सम्मलेन के अध्यक्षता मोहम्मद अली जिन्ना ने की थी।

होमरूल लीग आन्दोलन 

  •  होमरूल लीग की स्थापना सबसे पहले आयरलैंड में रेड्मांड ने की थी।
  • “महाराष्ट्र होमरूल लीग” की स्थापना 28 अप्रैल, 1916 को बाल गंगाधर तिलक ने की थी इसका केंद्र पूना था।
  • महाराष्ट्र होमरूल लीग के अध्यक्ष जोसेफ बप्तिस्ता तथा एन.सी.केलकर इसके सचिव थे।
  • “महाराष्ट्र होमरूल लीग” के प्रचार- प्रसार तिलक ने अपने अख़बार मराठा( अंग्रेजी ) तथा केशरी( मराठी) के माध्यम से किया।
  • “अखिल भारतीय होमरूल लीग” के स्थापना सितम्बर 1916 ई. में अड्यार (मद्रास) में एनी बेसेंट ने की थी। इसका कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण भारत वर्ष था।
  • मोतीलाल नेहरु, जवाहर लाल नेहरु एवं तेज बहादुर सप्रू एनी बेसेंट की होमरूल लीग से जुड़े हुए थे।
  • इस होमरूल लीग का प्रचार-प्रसार एनी बेसेंट ने अपने दैनिक पत्र “न्यू इंडिया” तथा साप्ताहिक पत्र “कामनवेल्थ”  द्वारा किया।
  • एस सुब्रमण्यम अय्यर एनी बेसेंट की होमरूल लीग से सम्बंधित थे।
  • लीग के सर्वाधिक शाखाएँ मद्रास में थी।
  • गोपाल कृष्ण गोखले ने अपने संगठन “सर्वेन्ट्स ऑफ़ इंडिया सोसायटी” के सदस्यों को होमरूल लीग आन्दोलन में भाग लेने की अनुमति नहीं दी
  • वेलेंटाइन शिरोल ने अपनी पुस्तक “इंडियन अनरेस्ट” में तिलक को“ भारतीय अशांति का जनक” कहा था। जिसके लिए तिलक ने उन पर मानहानि का मुकदमा किया था।

अन्य स्मरणीय तथ्य 

  • रवीन्द्रनाथ टैगोर ने 1906 ई. में “भारतीय प्राच्यकला संस्थान” की स्थापना की।
  • कांग्रेस के 1906  के  कलकत्ता अधिवेशन में दादा भाई नौरोजी ने पहली बार स्वराज्य शब्द का प्रयोग किया।
  • स्वदेशी आन्दोलन के प्रचार प्रसार के लिए अश्वनी कुमार दत्ता ने बारीसल में “स्वदेसी बांधव समिति” की स्थापना की।
  • स्वदेशी आन्दोलन का दिल्ली में नेतृत्व सैय्यद हैदर राजा , मद्रास में चिदम्बरम पिल्ले, पूना व बम्बई में तिलक ने, पंजाब में लाला लाजपत राय ने किया।
  • 15 अगस्त, 1906  को “राष्ट्रीय शिक्षा परिषद” की स्थापना हुई।
  • आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय ने बंगाल केमिकल्स स्वदेशी स्टोर खोला।
  • दिल्ली दरबार: दिल्ली दरबार का आयोजन दिसंबर 1911 ब्रिटिश सम्राट जार्ज पंचम एवं महारानी विलियम मेरी के भारत आगमन पर उनके स्वागत में वायसराय लार्ड हार्डिंग द्वितीय ने आयोजित किया था।
  • अरुंडमेल कमेटी के सिफारिश पर बंगाल का विभाजन 12 दिसंबर 1911  को निरस्त कर दिया गया और कलकत्ता के स्थान पर दिल्ली को भारत की राजधानी बना दिया गया।
  • 1 अप्रैल 1912 को दिल्ली भारत की राजधानी बन गई।
  • आधुनिक दिल्ली की रुपरेखा एडविन लुटियंस ने हर्बर्ट बेकर के साथ मिलकर तैयार की थी।
  • लुटियंस ने दिल्ली में वायसराय भवन( राष्ट्रपति भवन), संसद भवन, इंडिया गेट का निर्माण कराया था।
  • मांटेग्यू घोषणा(1917): मांटेग्यू घोषणा भारत सरकार अधिनियम 1919 का आधार बनी। इस घोषणा को उदारवादियों ने “भारत का मैग्नाकार्टा” का नाम दिया।
  • बाल गंगाधर तिलक ने मांटेग्यू घोषणा को सूर्य विहीन उषाकाल की संज्ञा दी।
  • भारत सरकार अधिनियम 1919 के द्वारा द्वेध शासन प्रणाली लागू हुई और पहली बार लोक सेवा आयोग की स्थापना का प्रावधान किया गया। इसके अलावा प्रथक निर्वाचक मंडल में मुसलमानों के अलावा सिक्खों और गैर-ब्राह्मणों को भी शामिल किया गया।

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